Monday, 25 March 2019


आज मेरी  कक्षा बारहवीं का फेयरवेल डे था ,हम सभी लोग बहुत खुश थे मैं , एक को -एजुकेशन स्कूल में पढ़ती थी, इसलिए लड़के लड़की का भेद भाव ना करते हुए मेरे खास दोस्तों में लड़के- लड़किया सभी शामिल थे ,हम सभी ही बहुत खुश थे ,और अपनी ख़ुशी को खुल कर ज़ाहिर कर रहे थे ,स्कूल की पार्टी खत्म होने के बाद भी हम सभी का मूड अब तक पार्टी  सेलिब्रेशन का ही था , पर अब हम स्कूल में ज्यादा देर नहीं रह सकते थे ,मैं आपको बता दू  की ,मैं एक सिंगल मदर की बेटी हूँ जो  मेरे साथ नहीं रहती  थी और  मैं  एक अप्पर्टमेन्ट में, वन  रूम फ्लैट ले के रहती थी ,जो की मेरी  मा के अनुसार मेरे लिए बहुत सेफ  था,
सभी को पता था की मैं अकेली ही रहती हु, इसलिए  सबने बाकी की पार्टी मेरे घर इंजॉय करने का प्लान बनाया  जिसे मैंने तुरंत मान लिया ,हम करीब 8  लोग थे जिसमे तीन लड़के और पांच लड़किया थी ,हमने बाजार से बियर की 25  बोतले खरीदी कुछ खाने का सामान लिया और बस चल पड़े , मैं म्यूजिक की शौकीन थी इसलिए मेरे घर में mom का दिया एक music systm भी था , मैं beer नहीं पीती थी पर डांस का जूनून था मुझे ,और फिर आज स्कूल में हुए beauty कॉम्पिटिशन में मुझे मिस ब्यूटीफुल चुना गया था,और इतना ही नहीं gk quiz में भी मुझे first प्राइज मिला था ,और प्रीओन्सिपल ने मुझे ब्यूटी विथ ब्रेन का स्पेशल award भी दिया था सो मैं  बहुत खुश थी , मेरे पापा के दोस्त का बेटा स्वप्निल मेरा प्यारा दोस्त था और मैं उससे पसंद भी करती थी ,सो मैंने घर पहुंच के इस party में उससे भी बुला लिया था , हमारी party फुल bloom पे थी मैं आधे घंटे से लगातार नाच रही थी ,की  दूर बेल बजी ,दरवाज़ा खोलने पर सामने ही स्वप्निल खड़ा था ,उसे देख कर मैं बहुत खुश हुयी और उसे गले लगा लिया , पर मेरा इरादा बुरा नहीं थी मैंने उससे बस एक सच्चे मित्र की तरह गले लगाया ,और उसका  हाथ  हाथ पकड़ कर मैं bed room में चली गयी,क्यूंकि हाल में मेरे दोस्तों ने फुल volume पर म्यूजिक लगाया हुआ था और मैं स्वप्निल को सब कुछ बताना चाहती थी की मैंने आज क्या क्या acheive किया, उसे bed पर बैठा के मैं उसके लिए beer और कुछ खाने का सामान ले आयी ,और मैंने खुद ही दरवाज़े को बंद कर दिया क्यूंकि गांव की आवाज़ बहुत तेज़ थी , मैं भी bed पर बैठ गयी और उसे अपने awards और prizes के बारे में बताने लगी वह बहुत खुश हुआ और मेरे हाथ पकड़ कर बोला मैं जनता हूँ तुम beer नहीं पीती पर आज तो बनती है not for  me just for the winning moment , मैं पहली बार  उसे मना नहीं कर पायी और फिर मैंने beer की बोतल हाथ में ले पीना शुरू किया मैं एक ही बोतल लायी थी इसलिए मैंने उसे पूरा पि लिया और उसके लिए बोतल लाने बहार गयी बहार सबके हाथ में बोतले थी ,सब मस्त थे मैंने देखा की अभी भी बहुत बोतले बची है ,सो पांच बोतले उठा के मैं अंदर आ गयी, और स्वप्निल को एक बोतल दे दी ,खुद को मज़बूत और mordern दिखने के लिए मैंने फिर एक बोतल खोली और पीना शुरू कर दिया  और  फिर दूसरी ,तीसरी और चौथी ,मेरे होश खो रहे थे मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था स्वप्निल मेरे बहुत पास था वो मुझे अपनी तरफ खींच रहा था ,उसके हाथ मेरे शरीर पर मुझे महसूस हो रहे थे पर मैं कुछ भी नहीं कर पा रही थी पर वो अनुभव मरे  लिए नया था  ,और शायद मैं उसे मना नहीं करना चाहती थी ,कुछ  ही देर में मेरे होश पूरी तरह खो गए हुए मुझे कुछ भी याद नहीं की क्या हुआ ,सीधे सुबह मेरी आंख खुली चारो तरफ मेरे दोएत सो रहे थे पर स्वप्निल कही नहीं था ,खैर मैंने सबको जगाया घर की सफाई की और फिर सब के जाने के बाद नहा कर सो गयी ,मेरा पूरा शरीर बेइंतेहा दर्द कर रहा था ,मुझे लगा की सब बियर की वजह से है ,
अगले दिन से रूटीन लाइफ शुरू हो गयी ,पर कुछ दिनों के बाद मुझे कुछ ानीद सा लगने लगा ,मैं खुद को बहुत कमज़ोर सा महसूस करती और मुझे हर समय vomiting  जैसा लगता ,दोस्तों ने कहा पार्टी के दिन जयदा बियर पीने के कारण ये सब हो रहा है , मैंने भी डर के कारण माँ को कुछ नहीं बताया ,पर दोस्तों के कहने पर  अगले महीने चेकउप के लिए गयी ,जहा जो बात डॉक्टर ने मुझसे कही वो सुन के मैं जैसे पत्थर की मूर्ति बन गयी ,उन्होंने कहा ,you are pregnant ,मुझे कुछ भी समझ में नहीं आया,मैं वापस आ गयी और पार्टी के दिन हुयी सारी  घटनाओ को याद करने लगी ,मैंने तुरंत स्वप्निल को फ़ोन किया और उसे बताया की डॉक्टर ने क्या बोला  स्वप्निल ने सारी बातो से तुरंत इंकार कर दिया और,बोला  की मैं तुम जैसी लड़कियों से कोई रिश्ता नहीं रखना चाहता मुझे दुबारा कॉल मत करना ,
मेरी समझ में कुछ नहीं आ रहा था , मैने सोचा की मुझे तुरंत माँ को बताना होगा,जबकि मुझे पता था की मेरी माँ ने मुझे अकेले ही बड़ी मुश्किल से पाला था और मुझे वो सब दिया था जो शायद उसे कभी भी ना मिला होगा ,
मैं तुरंत ही माँ के पास चली गयी मैंने सोचा मेरी माँ मुझसे बहुत नाराज़ होगी पर ऐसा नहीं हुआ मेरी माँ ने मुझे गले से लगाया और बोली डरो नहीं मैं सब ठीक कर दूंगी , मैंने माँ को गले से लगा लिया। पर कोई ज़ोर ज़ोर से मुझे हिला रहा था और मेरा नाम पुकार रहा था ,मैंने आंखे खोली तो देखा मेरी सहेली पुनीता मेरे पास है ,मेरे सारे दोस्त मेरे सामने है ,उन्होंने मुझे बताया की किस तरह मैंने कल बहुत पी ली थी और वो सभी पूरी रात मेरी देख भाल कर रहे थे और स्वप्निल मेरे साथ कुछ गलत करने की कोशिश कर रहा था जिसे उन्होंने वहां  से बाहर भगा दिया था ,


ओह!मैं सपना देख रही थी सब कुछ ठीक था ,वह सब कुछ जो हो सकता था कुछ भी नहीं हुआ था ,और मैं हमेशा के लिए सीख गयी थी की मुझे खुद को किस तरह खुद को control  में रखना है ,और माँ के विश्वास को बचना है.

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